Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.105
(37 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
न
चैनं
पाण्डवेयानां
केचिच्छेकुर्निरीक्षितुम्
।
उत्तरं
मार्गमास्थाय
तपन्तमिव
भास्करम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | च + एनद् | पाण्डवेयानां | कश्चित् + शक् | निरीक्षितुम्
उत्तरं | मार्गम् | आस्थाय | तपन्तम् | इव | भास्करम्
उत्तरं | मार्गम् | आस्थाय | तपन्तम् | इव | भास्करम्