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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.105
(37 verses)
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Sanskrit Text
दशमेऽहनि
तस्मिंस्तु
दर्शयञ्शक्तिमात्मनः
।
राजञ्शतसहस्राणि
सोऽवधीत्कुरुनन्दन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दशमे | ऽहनि | तद् + तु | दर्शयञ् | शक्तिम् | आत्मनः
राजञ् | शत + सहस्र | सो | ऽवधीत् | कुरु + नन्दन
राजञ् | शत + सहस्र | सो | ऽवधीत् | कुरु + नन्दन