Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.105
(37 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
इत्युक्त्वा
भरतश्रेष्ठः
क्षत्रियान्प्रतपञ्शरैः
।
आससाद
दुराधर्षः
पाण्डवानामनीकिनीम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इति + वच् | भरत + श्रेष्ठ | क्षत्रियान् | प्रतपञ् | शरैः
गाङ्गेयो | रथिनां | श्रेष्ठः | पाण्डवानाम् | अनीकिनीम्
गाङ्गेयो | रथिनां | श्रेष्ठः | पाण्डवानाम् | अनीकिनीम्