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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.30
(47 verses)
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Sanskrit Text
अन्धाश्च
सर्वे
स्थविरास्तथैव;
हस्ताजीवा
बहवो
येऽत्र
सन्ति
।
आख्याय
मां
कुशलिनं
स्म
तेषा;मनामयं
परिपृच्छेर्जघन्यम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अन्ध + च | सर्वे | स्थविर + तथा + एव | हस्त + आजीव | बहवो | ये | ऽत्र | सन्ति
आख्याय | मां | कुशलिनं | स्म | तेषाम् | अनामयं | परिपृच्छेः | समग्रान्
आख्याय | मां | कुशलिनं | स्म | तेषाम् | अनामयं | परिपृच्छेः | समग्रान्