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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.152
(31 verses)
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Sanskrit Text
धुर्ययोर्हययोरेकस्तथान्यौ
पार्ष्णिसारथी
।
तौ
चापि
रथिनां
श्रेष्ठौ
रथी
च
हयवित्तथा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
धुर्ययोर् | हययोर् | एक + तथा + अन्य | पार्ष्णिसारथी
तौ | च + अपि | रथिनां | श्रेष्ठौ | रथी | च | हय + विद् | तथा
तौ | च + अपि | रथिनां | श्रेष्ठौ | रथी | च | हय + विद् | तथा