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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.149
(84 verses)
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Sanskrit Text
आसाद्य
सरितं
पुण्यां
कुरुक्षेत्रे
हिरण्वतीम्
।
सूपतीर्थां
शुचिजलां
शर्करापङ्कवर्जिताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
आसाद्य | सरितं | पुण्यां | कुरुक्षेत्रे | हिरण्वतीम्
सु + उपतीर्थ | शुचि + जल | शर्करा + पङ्क + वर्जय्
सु + उपतीर्थ | शुचि + जल | शर्करा + पङ्क + वर्जय्