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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.148
(19 verses)
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Sanskrit Text
निर्याताश्च
विनाशाय
कुरुक्षेत्रं
नराधिपाः
।
एतत्ते
कथितं
सर्वं
यद्वृत्तं
कुरुसंसदि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
निर्या + च | विनाशाय | कुरुक्षेत्रं | नराधिपाः
प्रत्यक्षम् | एतद् | भवतां | यद् | वृत्तं | कुरु + संसद्
प्रत्यक्षम् | एतद् | भवतां | यद् | वृत्तं | कुरु + संसद्