Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.134
(21 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
सन्ति
नैकशता
भूयः
सुहृदस्तव
संजय
।
सुखदुःखसहा
वीर
शतार्हा
अनिवर्तिनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सन्ति | न + एक + शत | भूयः | सुहृद् + त्वद् | संजय
सुख + दुःख + सह | वीर | शत + अर्ह | अनिवर्तिनः
सुख + दुःख + सह | वीर | शत + अर्ह | अनिवर्तिनः