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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.134
(21 verses)
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Sanskrit Text
उदके
धूरियं
धार्या
सर्तव्यं
प्रवणे
मया
।
यस्य
मे
भवती
नेत्री
भविष्यद्भूतदर्शिनी
॥
Padaccheda (Word Analysis)
उदके | धूर् | इयं | धार्या | सर्तव्यं | प्रवणे | मया
यस्य | मे | भवती | नेत्री | भू + दर्शिन्
यस्य | मे | भवती | नेत्री | भू + दर्शिन्