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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.133
(37 verses)
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Sanskrit Text
तं
त्वामयशसा
स्पृष्टं
न
ब्रूयां
यदि
संजय
।
खरीवात्सल्यमाहुस्तन्निःसामर्थ्यमहेतुकम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तं | त्वाम् | अयशसा | स्पृष्टं | न | ब्रूयां | यदि | संजय
खरीवात्सल्यम् | अह् + तद् + निःसामर्थ्य | अहेतुकम्
खरीवात्सल्यम् | अह् + तद् + निःसामर्थ्य | अहेतुकम्