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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.132
(40 verses)
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Sanskrit Text
अहं
महाकुले
जाता
ह्रदाद्ध्रदमिवागता
।
ईश्वरी
सर्वकल्याणैर्भर्त्रा
परमपूजिता
॥
Padaccheda (Word Analysis)
महत् + कुलीन | भवती | ह्रद | इव + आगम्
ईश्वरी | सर्व + कल्याण | भर्त्रा | परम + पूजय्
ईश्वरी | सर्व + कल्याण | भर्त्रा | परम + पूजय्