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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.132
(40 verses)
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Sanskrit Text
पतिपुत्रवधादेतत्परमं
दुःखमब्रवीत्
।
दारिद्र्यमिति
यत्प्रोक्तं
पर्यायमरणं
हि
तत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पति + पुत्र + वध | एतत् | परमं | दुःखम् | अब्रवीत्
दारिद्र्यम् | इति | यत् | प्रोक्तं | पर्याय + मरण | हि | तत्
दारिद्र्यम् | इति | यत् | प्रोक्तं | पर्याय + मरण | हि | तत्