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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.132
(40 verses)
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Sanskrit Text
नातः
पापीयसीं
कांचिदवस्थां
शम्बरोऽब्रवीत्
।
यत्र
नैवाद्य
न
प्रातर्भोजनं
प्रतिदृश्यते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न + अतस् | पापीयसीं | कांचिद् | अवस्थां | शम्बरो | ऽब्रवीत्
तत्र | स्नात्वा | नरो | राजन् | स्वर्ग + लोक | प्रपद्यते
तत्र | स्नात्वा | नरो | राजन् | स्वर्ग + लोक | प्रपद्यते