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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.127
(53 verses)
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Sanskrit Text
प्रपद्यस्व
महाबाहुं
कृष्णमक्लिष्टकारिणम्
।
प्रसन्नो
हि
सुखाय
स्यादुभयोरेव
केशवः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रपद्यस्व | महत् + बाहु | कृष्णम् | अक्लिष्ट + कारिन्
प्रसन्नो | हि | सुखाय | स्याद् | उभयोर् | एव | केशवः
प्रसन्नो | हि | सुखाय | स्याद् | उभयोर् | एव | केशवः