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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.127
(53 verses)
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Sanskrit Text
यथा
भीष्मः
शांतनवो
द्रोणश्चापि
महारथः
।
आहतुस्तात
तत्सत्यमजेयौ
कृष्णपाण्डवौ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तथा | भीष्मं | शांतनवं | भारतानां | पितामहम्
अह् + तात | तत् | सत्यम् | अजेयौ | कृष्ण + पाण्डव
अह् + तात | तत् | सत्यम् | अजेयौ | कृष्ण + पाण्डव