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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.127
(53 verses)
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Sanskrit Text
कामक्रोधौ
हि
पुरुषमर्थेभ्यो
व्यपकर्षतः
।
तौ
तु
शत्रू
विनिर्जित्य
राजा
विजयते
महीम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
काम + क्रोध | हि | पुरुषम् | अर्थेभ्यो | व्यपकर्षतः
तौ | तु | शत्रू | विनिर्जित्य | राजा | विजयते | महीम्
तौ | तु | शत्रू | विनिर्जित्य | राजा | विजयते | महीम्