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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.127
(53 verses)
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Sanskrit Text
स
एष
काममन्युभ्यां
प्रलब्धो
मोहमास्थितः
।
अशक्योऽद्य
त्वया
राजन्विनिवर्तयितुं
बलात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | एष | काम + मन्यु | प्रलब्धो | मोहम् | आस्थितः
अशक्यो | ऽद्य | त्वया | राजन् | विनिवर्तयितुं | बलात्
अशक्यो | ऽद्य | त्वया | राजन् | विनिवर्तयितुं | बलात्