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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.126
(49 verses)
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Sanskrit Text
कंसमेकं
परित्यज्य
कुलार्थे
सर्वयादवाः
।
संभूय
सुखमेधन्ते
भारतान्धकवृष्णयः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कंसम् | एकं | परित्यज्य | कुल + अर्थ | सर्व + यादव
सम्भूय | सुखम् | एधन्ते | भारत + अन्धक + वृष्णि
सम्भूय | सुखम् | एधन्ते | भारत + अन्धक + वृष्णि