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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.122
(61 verses)
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Sanskrit Text
किं
ते
जनक्षयेणेह
कृतेन
भरतर्षभ
।
यस्मिञ्जिते
जितं
ते
स्यात्पुमानेकः
स
दृश्यताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
किं | ते | जन + क्षय + इह | कृतेन | भरत + ऋषभ
यस्मिञ् | जिते | जितं | ते | स्यात् | पुमान् | एकः | स | दृश्यताम्
यस्मिञ् | जिते | जितं | ते | स्यात् | पुमान् | एकः | स | दृश्यताम्