Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 4 -
Chapter 4.64
(37 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
ततः
पप्रच्छ
पितरं
त्वरमाण
इवोत्तरः
।
केनायं
ताडितो
राजन्केन
पापमिदं
कृतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | पप्रच्छ | पितरं | त्वरमाण | इव + उत्तर
क + इदम् | ताडितो | राजन् | केन | पापम् | इदं | कृतम्
क + इदम् | ताडितो | राजन् | केन | पापम् | इदं | कृतम्