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Currently viewing: Parva 4 -
Chapter 4.6
(16 verses)
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Sanskrit Text
ततो
विराटं
प्रथमं
युधिष्ठिरो;
राजा
सभायामुपविष्टमाव्रजत्
।
वैडूर्यरूपान्प्रतिमुच्य
काञ्चना;नक्षान्स
कक्षे
परिगृह्य
वाससा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | विराटं | प्रथमं | युधिष्ठिरो | राजा | सभायाम् | उपविष्टम् | आव्रजत्
वैडूर्य + रूप | प्रतिमुच्य | काञ्चनान् | अक्षान् | स | कक्षे | परिगृह्य | वाससा
वैडूर्य + रूप | प्रतिमुच्य | काञ्चनान् | अक्षान् | स | कक्षे | परिगृह्य | वाससा