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Currently viewing: Parva 4 -
Chapter 4.59
(44 verses)
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Sanskrit Text
भल्लैर्भल्लाः
समागम्य
भीष्मपाण्डवयोर्युधि
।
अन्तरिक्षे
व्यराजन्त
खद्योताः
प्रावृषीव
हि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भल्लैर् | भल्लाः | समागम्य | भीष्म + पाण्डव | युधि
अन्तरिक्षे | व्यराजन्त | खद्योताः | प्रावृष् + इव | हि
अन्तरिक्षे | व्यराजन्त | खद्योताः | प्रावृष् + इव | हि