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Currently viewing: Parva 4 -
Chapter 4.53
(69 verses)
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Sanskrit Text
ऐन्द्रं
वायव्यमाग्नेयमस्त्रमस्त्रेण
पाण्डवः
।
द्रोणेन
मुक्तं
मुक्तं
तु
ग्रसते
स्म
पुनः
पुनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ऐन्द्रं | वायव्यम् | आग्नेयम् | अस्त्रम् | अस्त्रेण | पाण्डवः
द्रोणेन | मुक्तं | मुक्तं | तु | ग्रसते | स्म | पुनः | पुनः
द्रोणेन | मुक्तं | मुक्तं | तु | ग्रसते | स्म | पुनः | पुनः