Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 4 -
Chapter 4.44
(22 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
अकृतास्त्रः
कृतास्त्रं
वै
बलवन्तं
सुदुर्बलः
।
तादृशं
कर्ण
यः
पार्थं
योद्धुमिच्छेत्स
दुर्मतिः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अकृतास्त्रः | कृतास्त्रं | वै | बलवन्तं | सु + दुर्बल
तादृशं | कर्ण | यः | पार्थं | योद्धुम् | इच्छेत् | स | दुर्मतिः
तादृशं | कर्ण | यः | पार्थं | योद्धुम् | इच्छेत् | स | दुर्मतिः