Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 4 -
Chapter 4.4
(49 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
दुर्वसं
त्वेव
कौरव्या
जानता
राजवेश्मनि
।
अमानितैः
सुमानार्हा
अज्ञातैः
परिवत्सरम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दुर्वसं | तु + एव | कौरव्या | जानता | राजन् + वेश्मन्
त्रयोदशं | च | स + जन | अज्ञाताः | परिवत्सरम्
त्रयोदशं | च | स + जन | अज्ञाताः | परिवत्सरम्