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Currently viewing: Parva 4 -
Chapter 4.31
(24 verses)
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Sanskrit Text
इषुभिर्व्यतिसंयद्भिरादित्योऽन्तरधीयत
।
खद्योतैरिव
संयुक्तमन्तरिक्षं
व्यराजत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इषुभिर् | व्यतिसंयद्भिर् | आदित्यो | ऽन्तरधीयत
खद्योतैर् | इव | संयुक्तम् | अन्तरिक्षं | व्यराजत
खद्योतैर् | इव | संयुक्तम् | अन्तरिक्षं | व्यराजत