Verse 1
View Details
ततः
संप्रस्थितो
राजा
कौन्तेयो
भूरिदक्षिणः
।
अगस्त्याश्रममासाद्य
दुर्जयायामुवास
ह
॥
View Padaccheda
ततः | सम्प्रस्थितो | राजा | कौन्तेयो | भूरि + दक्षिणा
अगस्त्य + आश्रम | आसाद्य | दुर्जयायाम् | उवास | ह
अगस्त्य + आश्रम | आसाद्य | दुर्जयायाम् | उवास | ह