Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.88
(30 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
सरस्वती
पुण्यवहा
ह्रदिनी
वनमालिनी
।
समुद्रगा
महावेगा
यमुना
यत्र
पाण्डव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सरस्वती | पुण्य + वह | ह्रदिनी | वन + मालिन्
समुद्रगा | महत् + वेग | यमुना | यत्र | पाण्डव
समुद्रगा | महत् + वेग | यमुना | यत्र | पाण्डव