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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.83
(114 verses)
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Sanskrit Text
तत्र
कूपो
महाराज
विश्रुतो
भरतर्षभ
।
समुद्रास्तत्र
चत्वारो
निवसन्ति
युधिष्ठिर
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कुरुक्षेत्रस्य | तद् | द्वारं | विश्रुतं | भरत + ऋषभ
विष्णोर् | दुर्वाससा | यत्र | वरो | दत्तो | युधिष्ठिर
विष्णोर् | दुर्वाससा | यत्र | वरो | दत्तो | युधिष्ठिर