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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.83
(114 verses)
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Sanskrit Text
तत्र
मासं
वसेद्धीरो
नियतो
नियताशनः
।
ब्रह्मलोकं
व्रजेद्राजन्पुनीते
च
कुलं
नरः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
चर्मण्वतीं | समासाद्य | नियतो | नियम् + अशन
ब्रह्मन् + लोक | व्रजेद् | राजन् | पुनीते | च | कुलं | नरः
ब्रह्मन् + लोक | व्रजेद् | राजन् | पुनीते | च | कुलं | नरः