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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.82
(143 verses)
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Sanskrit Text
ततो
ब्रह्मसरो
गच्छेद्धर्मारण्योपशोभितम्
।
पौण्डरीकमवाप्नोति
प्रभातामेव
शर्वरीम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | ब्रह्मसरो | गच्छेद् | धर्मारण्य + उपशोभय्
पौण्डरीकम् | अवाप्नोति | प्रभाताम् | एव | शर्वरीम्
पौण्डरीकम् | अवाप्नोति | प्रभाताम् | एव | शर्वरीम्