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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.82
(143 verses)
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Sanskrit Text
अभिगम्य
महादेवं
वरदं
विष्णुमव्ययम्
।
विराजति
यथा
सोम
ऋणैर्मुक्तो
युधिष्ठिर
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अभिगम्य | त्रिलोक + ईश | वर + द | विष्णुम् | अव्ययम्
विराजति | यथा | सोम | ऋणैर् | मुक्तो | युधिष्ठिर
विराजति | यथा | सोम | ऋणैर् | मुक्तो | युधिष्ठिर