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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.82
(143 verses)
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Sanskrit Text
तत्र
चिह्नं
महाराज
अद्यापि
हि
न
संशयः
।
कपिला
सह
वत्सेन
पर्वते
विचरत्युत
।
सवत्सायाः
पदानि
स्म
दृश्यन्तेऽद्यापि
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत्र | चिह्नं | महत् + राज | अद्य + अपि | हि | न | संशयः
कपिला | सह | वत्सेन | पर्वते | विचर् + उत
स + वत्स | पदानि | स्म | दृश्यन्ते | अद्य + अपि | भारत
कपिला | सह | वत्सेन | पर्वते | विचर् + उत
स + वत्स | पदानि | स्म | दृश्यन्ते | अद्य + अपि | भारत