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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.82
(143 verses)
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Sanskrit Text
षष्ठकालोपवासेन
मासमुष्य
महालये
।
सर्वपापविशुद्धात्मा
विन्द्याद्बहु
सुवर्णकम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
षष्ठ + काल + उपवास | मासम् | उष्य | महालये
तत्र | स्नात्वा | नर + व्याघ्र | विन्देद् | बहु | सुवर्णकम्
तत्र | स्नात्वा | नर + व्याघ्र | विन्देद् | बहु | सुवर्णकम्