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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.82
(143 verses)
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Sanskrit Text
ऋषिकुल्यां
नरः
स्नात्वा
ऋषिलोकं
प्रपद्यते
।
यदि
तत्र
वसेन्मासं
शाकाहारो
नराधिप
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तत्र | स्नात्वा | नर + व्याघ्र | ब्रह्मन् + लोक | प्रपद्यते
यदि | तत्र | वसेन् | मासं | शाक + आहार | नर + अधिप
यदि | तत्र | वसेन् | मासं | शाक + आहार | नर + अधिप