Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.81
(178 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
तीर्थं
तत्र
महाराज
श्वानलोमापहं
स्मृतम्
।
यत्र
विप्रा
नरव्याघ्र
विद्वांसस्तीर्थतत्पराः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तीर्थं | तत्र | महत् + राज | महद् | अन्यत्र | दुर्लभम्
यत्र | विप्रा | नर + व्याघ्र | विद्वांसस् | तीर्थ + तत्पर
यत्र | विप्रा | नर + व्याघ्र | विद्वांसस् | तीर्थ + तत्पर