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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.81
(178 verses)
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Sanskrit Text
ततो
गच्छेत
धर्मज्ञ
तीर्थं
त्रैलोक्यविश्रुतम्
।
आदित्यस्याश्रमो
यत्र
तेजोराशेर्महात्मनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
नृ + लोक | देवदेवस्य | तीर्थं | त्रैलोक्य + विश्रु
आदित्य + आश्रम | यत्र | तेजोराशेर् | महात्मनः
आदित्य + आश्रम | यत्र | तेजोराशेर् | महात्मनः