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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.81
(178 verses)
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Sanskrit Text
ततो
गच्छेत
धर्मज्ञ
दधीचस्य
महात्मनः
।
तीर्थं
पुण्यतमं
राजन्पावनं
लोकविश्रुतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | गच्छेत | धर्म + ज्ञ | पुण्य + स्थान | उमापतेः
तद् | आश्रम + पद | पुण्यं | बदरी | नाम | विश्रुतम्
तद् | आश्रम + पद | पुण्यं | बदरी | नाम | विश्रुतम्