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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.80
(133 verses)
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Sanskrit Text
जम्बूमार्गादुपावृत्तो
गच्छेत्तण्डुलिकाश्रमम्
।
न
दुर्गतिमवाप्नोति
स्वर्गलोके
च
पूज्यते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
जम्बूमार्गाद् | उपावृत्तो | गच्छेत् | तण्डुलिकाश्रमम्
न | दुर्गतिम् | अवाप्नोति | सिद्धिं | प्राप्नोति | च + उत्तम
न | दुर्गतिम् | अवाप्नोति | सिद्धिं | प्राप्नोति | च + उत्तम