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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.80
(133 verses)
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Sanskrit Text
जित्वा
यत्र
महाप्राज्ञ
विष्णुना
प्रभविष्णुना
।
पुरा
शौचं
कृतं
राजन्हत्वा
दैवतकण्टकान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तदा + अस् | रक्ष् + त्वद् | वै | विष्णुना | प्रभविष्णुना
पुरा | शौचं | कृतं | राजन् | हत्वा | दैवत + कण्टक
पुरा | शौचं | कृतं | राजन् | हत्वा | दैवत + कण्टक