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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.80
(133 verses)
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Sanskrit Text
प्रदक्षिणमुपावृत्य
गच्छेत
भरतर्षभ
।
तीर्थं
कुरुवरश्रेष्ठ
त्रिषु
लोकेषु
विश्रुतम्
।
दृमीति
नाम्ना
विख्यातं
सर्वपापप्रमोचनम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
प्रदक्षिणम् | उपावृत्य | गच्छेत | भरत + ऋषभ
पुत्रं | तव | प्रदास्यामि | त्रिषु | लोकेषु | विश्रुतम्
दृमी + इति | नाम्ना | विख्यातं | सर्व + पाप + प्रमोचन
पुत्रं | तव | प्रदास्यामि | त्रिषु | लोकेषु | विश्रुतम्
दृमी + इति | नाम्ना | विख्यातं | सर्व + पाप + प्रमोचन