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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.80
(133 verses)
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Sanskrit Text
शिरसा
चार्घ्यमादाय
शुचिः
प्रयतमानसः
।
नाम
संकीर्तयामास
तस्मिन्ब्रह्मर्षिसत्तमे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
शिरसा | च + अर्घ्य | आदाय | शुचिः | प्रयम् + मानस
नाम | संकीर्तयामास | तस्मिन् | ब्रह्मर्षि + सत्तम
नाम | संकीर्तयामास | तस्मिन् | ब्रह्मर्षि + सत्तम