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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.72
(30 verses)
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Sanskrit Text
श्रुतः
स्वयंवरो
राज्ञा
कौसल्येन
यशस्विना
।
द्वितीयो
दमयन्त्या
वै
श्वोभूत
इति
भामिनि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
श्रुत्वा | स्वयंवरं | राजन् | समेष्यन्ति | न | संशयः
द्वितीयो | दमयन्त्या | वै | श्वोभूत | इति | भामिनि
द्वितीयो | दमयन्त्या | वै | श्वोभूत | इति | भामिनि