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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.72
(30 verses)
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Sanskrit Text
सत्कृतासत्कृता
वापि
पतिं
दृष्ट्वा
तथागतम्
।
भ्रष्टराज्यं
श्रिया
हीनं
क्षुधितं
व्यसनाप्लुतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सत्कृ + असत्कृ | वा + अपि | पतिं | दृष्ट्वा | तथागतम्
भ्रंश् + राज्य | श्रिया | हीनं | श्यामा | न | क्रोद्धुम् | अर्हति
भ्रंश् + राज्य | श्रिया | हीनं | श्यामा | न | क्रोद्धुम् | अर्हति