Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.70
(39 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
एवमुक्तो
नलो
राजा
न्ययच्छत्कोपमात्मनः
।
ततो
भीतः
कलिः
क्षिप्रं
प्रविवेश
बिभीतकम्
।
कलिस्त्वन्येन
नादृश्यत्कथयन्नैषधेन
वै
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवम् | उक्तो | नलो | राजा | न्ययच्छत् | कोपम् | आत्मनः
ततो | भीतः | कलिः | क्षिप्रं | प्रविवेश | विभीतकम्
कलिस् | तु + अन्य | न + दृश् | कथयन् | नैषधेन | वै
ततो | भीतः | कलिः | क्षिप्रं | प्रविवेश | विभीतकम्
कलिस् | तु + अन्य | न + दृश् | कथयन् | नैषधेन | वै