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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.70
(39 verses)
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Sanskrit Text
कलेस्तस्य
तदार्तस्य
शापाग्निः
स
विनिःसृतः
।
स
तेन
कर्शितो
राजा
दीर्घकालमनात्मवान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
कलेस् | तस्य | तद् + आर्त | शाप + अग्नि | स | विनिःसृतः
स | तेन | कर्शितो | राजा | दीर्घ + काल | अनात्मवान्
स | तेन | कर्शितो | राजा | दीर्घ + काल | अनात्मवान्