Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.61
(125 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
इमं
शिलोच्चयं
पुण्यं
शृङ्गैर्बहुभिरुच्छ्रितैः
।
विराजद्भिर्दिवस्पृग्भिर्नैकवर्णैर्मनोरमैः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
इमं | शिला + उच्चय | पुण्यं | शृङ्गैर् | बहुभिर् | उच्छ्रितैः
विराजद्भिर् | न + एक + वर्ण | मनोरमैः
विराजद्भिर् | न + एक + वर्ण | मनोरमैः