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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.61
(125 verses)
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Sanskrit Text
न
मे
त्वदन्या
सुभगे
प्रिया
इत्यब्रवीस्तदा
।
तामृतां
कुरु
कल्याण
पुरोक्तां
भारतीं
नृप
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | मे | त्वद् | अन्या | सुभगे | प्रिया | इति + ब्रू | तदा
ताम् | ऋतां | कुरु | कल्याण | पुरा + वच् | भारतीं | नृप
ताम् | ऋतां | कुरु | कल्याण | पुरा + वच् | भारतीं | नृप