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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.60
(38 verses)
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Sanskrit Text
तामकस्मान्मृगव्याधो
विचरन्गहने
वने
।
आक्रन्दतीमुपश्रुत्य
जवेनाभिससार
ह
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ताम् | अकस्मान् | मृगव्याधो | विचरन् | गहने | वने
आक्रन्दतीम् | उपश्रुत्य | जव + अभिसृ | ह
आक्रन्दतीम् | उपश्रुत्य | जव + अभिसृ | ह