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Currently viewing: Parva 3 -
Chapter 3.54
(38 verses)
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Sanskrit Text
तां
राजसमितिं
पूर्णां
नागैर्भोगवतीमिव
।
संपूर्णां
पुरुषव्याघ्रैर्व्याघ्रैर्गिरिगुहामिव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तां | राजन् + समिति | पूर्णां | नागैर् | भोगवतीम् | इव
सम्पूर्णां | पुरुष + व्याघ्र | व्याघ्रैर् | गिरि + गुहा | इव
सम्पूर्णां | पुरुष + व्याघ्र | व्याघ्रैर् | गिरि + गुहा | इव